जब दुनिया AI हो जाएगी… क्या हमारी आस्था भी बदल जाएगी?
जब दुनिया AI हो जाएगी… क्या हमारी आस्था भी बदल जाएगी? हे महादेव… एक बात पूछूँ? कभी-कभी लगता है, दुनिया इतनी तेज़ बदल रही है कि इंसान खुद अपनी रफ़्तार से पीछे छूटता जा रहा है। कल तक जिन सवालों के जवाब ढूँढ़ने के लिए किताबें पढ़नी पड़ती थीं, किसी समझदार इंसान से पूछना पड़ता था या घंटों इंतज़ार करना पड़ता था, आज वही सवाल हम कुछ शब्दों में AI से पूछ लेते हैं। वह जवाब देता है। तुरंत। बिना थके। बिना नाराज़ हुए। बिना यह पूछे कि सवाल इतना छोटा क्यों है या इतना बड़ा क्यों। तो मन में एक अजीब-सा सवाल आता है— क्या एक दिन इंसान अपनी प्रार्थना भी AI से करवाएगा? क्या वह पूछेगा— “महादेव को क्या चढ़ाना चाहिए?” “कौन-सा मंत्र पढ़ूँ?” “मेरी मनोकामना के लिए कौन-सी पूजा करूँ?” “आज कौन-सी पूजा शुभ रहेगी?” और AI उसे सब बता देगा। लेकिन महादेव… क्या वह यह भी बता पाएगा कि उस पूजा के पीछे इंसान का दिल कितना सच्चा था? शायद यहीं से हमारी असली कश्मकश शुरू होती है। AI बदल रहा है हमारी दुनिया… और शायद हमें भी AI अब केवल किसी वैज्ञानिक प्रयोगशाला की चीज़ नहीं रह गया। हम उससे लिख रहे हैं, सीख रहे हैं, तस्वीरें बना...