माँ कात्यायनी: शक्ति, साहस और अपने लिए खड़े होने की प्रेरणा
🌺 6th Navratri — माँ कात्यायनी: शक्ति, साहस और अपने लिए खड़े होने की प्रेरणा नवरात्रि का छठा दिन… माँ कात्यायनी को समर्पित होता है… वो माँ… जो सिर्फ पूजा की मूर्ति नहीं… बल्कि हर उस स्त्री की ताकत है… जो कभी टूटी… लेकिन झुकी नहीं… 🌿 🌼 कौन हैं माँ कात्यायनी? माँ कात्यायनी ऋषि कात्यायन की तपस्या से प्रकट हुईं… इसलिए इनका नाम पड़ा “कात्यायनी”… कात्यायनी माता की कथा: ऋषि कात्यायन की तपस्या : पौराणिक कथा के अनुसार, कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे, जिनके गोत्र में महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए। वे भगवती पराम्बा के बहुत बड़े भक्त थे। उनकी इच्छा थी कि माँ दुर्गा उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें, जिसके लिए उन्होंने कठिन तपस्या की। देवी का प्राकट्य: महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी दुर्गा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। चूँकि वह महर्षि कात्यायन के घर जन्मी थीं, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। महिषासुर का वध : उस समय महिषासुर नामक राक्षस का आतंक बहुत बढ़ गया था, जो देवताओं को परेशान कर रहा था। तीनों देवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की ऊर्जा से प्रकट हुई कात...