हे महादेव… सुन ले मेरी, सबकी सुनता है तू,...एक प्रार्थना:--
हे महादेव… सुन ले मेरी हे महादेव… सुन ले मेरी… सबकी सुनता है तू, मेरी तरफ भी एक नज़र डाल ना… कहते हैं, तेरे दर से कोई खाली नहीं लौटता, कोई आँसू लेकर आता है, और तेरी कृपा से मुस्कान लेकर जाता है। मैं भी आज तेरे दर पर अपने मन की माला लेकर आई हूँ, कुछ मोती खुशियों के हैं, कुछ दर्द के, और कुछ ऐसे हैं जिन्हें शब्दों में कहना भी मुश्किल है। हे भोलेनाथ… कभी लगता है कि जीवन की ;'राह बहुत कठिन हो गई है, कभी लगता है कि हिम्मत थोड़ी कम पड़ रही है। पर फिर तेरी ही याद आती है— वो नीलकंठ, जिसने विष पीकर भी दुनिया को अमृत दिया। तूने सिखाया है, कि कठिनाइयाँ भाग्य नहीं होतीं, बल्कि शक्ति बनने का रास्ता होती हैं। हे महादेव… सबकी सुनता है तू, मेरी तरफ भी एक नज़र डाल ना… मेरे मन के डर को तेरे विश्वास में बदल दे, मेरे थके कदमों को फिर से चलने की ताकत दे। बीते कल के दर्द को एक सीख बना दे, और आने वाले कल को एक उम्मीद से भर दे। मैं तुझसे चमत्कार नहीं माँगती, बस इतना चाहती हूँ— कि जब मैं टूटने लगूँ, तो मुझे बस संभाल ले। जब मन अकेला लगे, तो तेरे नाम की ध्वनि मेरे भीतर साहस जगा दे। “ॐ नमः शिवाय…”...