हे महादेव… सुन ले मेरी, सबकी सुनता है तू,...एक प्रार्थना:--

 हे महादेव… सुन ले मेरी

सुन ले मेरी…


सबकी सुनता है तू,
मेरी तरफ भी एक नज़र डाल ना…

कहते हैं,
तेरे दर से कोई खाली नहीं लौटता,
कोई आँसू लेकर आता है,
और तेरी कृपा से मुस्कान लेकर जाता है।

मैं भी आज तेरे दर पर
अपने मन की माला लेकर आई हूँ,
कुछ मोती खुशियों के हैं,
कुछ दर्द के,
और कुछ ऐसे हैं
जिन्हें शब्दों में कहना भी मुश्किल है।

हे भोलेनाथ…
कभी लगता है
कि जीवन की ;'राह बहुत कठिन हो गई है,
कभी लगता है
कि हिम्मत थोड़ी कम पड़ रही है।

पर फिर तेरी ही याद आती है—
वो नीलकंठ,
जिसने विष पीकर भी
दुनिया को अमृत दिया।

तूने सिखाया है,
कि कठिनाइयाँ भाग्य नहीं होतीं,
बल्कि शक्ति बनने का रास्ता होती हैं।

हे महादेव…
सबकी सुनता है तू,
मेरी तरफ भी एक नज़र डाल ना…

मेरे मन के डर को
तेरे विश्वास में बदल दे,
मेरे थके कदमों को
फिर से चलने की ताकत दे।

बीते कल के दर्द को
एक सीख बना दे,
और आने वाले कल को
एक उम्मीद से भर दे।

मैं तुझसे चमत्कार नहीं माँगती,
बस इतना चाहती हूँ—
कि जब मैं टूटने लगूँ,
तो मुझे बस  संभाल ले।

जब मन अकेला लगे,
तो तेरे नाम की ध्वनि
मेरे भीतर साहस जगा दे।

“ॐ नमः शिवाय…”
बस यही मंत्र
मेरी हर सांस में बस जाए।

हे महादेव…
अगर मेरी राह कठिन है,
तो मुझे मजबूत बना दे,
अगर मेरी परीक्षा लंबी है,
तो मुझे धैर्य दे दे।

और अगर मेरी माला के
कुछ मोती टूट गए हैं,
तो उन्हें फिर से जोड़ने की
हिम्मत दे दे।

हे शिव…बाबा 
मेरी तरफ भी
एक नज़र डाल ना…

क्योंकि मुझे यकीन है—
तेरी एक कृपा की किरण
पूरे जीवन को
नई रोशनी दे सकती है

 मन की शुद्धता और भावनाओं की प्रार्थना:--

हे महादेव…
मन बड़ा चंचल है, कभी इधर भागता है, कभी उधर भटक जाता है।
कभी शिकायतों से भर जाता है, तो कभी उम्मीदों से थक जाता है।
ऐसे में बस एक ही आस रहती है—
तेरे चरणों में बैठकर मन को थोड़ा शांत कर लूँ।

महादेव,
मेरे मन की उलझनों को सुलझा दे,
जो कड़वाहट भीतर जमा हो गई है, उसे अपनी कृपा से धो दे।
मन में जो डर है, जो असुरक्षा है,
उसे तेरे नाम की शक्ति से दूर कर दे।

कहते हैं तू भोला है,

भक्तों की छोटी-सी पुकार भी सुन लेता है।
मैं भी आज तेरे सामने खाली हाथ नहीं,
एक भरा हुआ मन लेकर आई हूँ—
जिसमें थोड़ी थकान है, थोड़ी पीड़ा है,
और बहुत-सी उम्मीदें भी हैं।

महादेव

मेरे मन को इतना निर्मल बना दे
कि किसी के लिए बुरा सोचने का भाव ही न आए।
मेरे शब्दों में मिठास भर दे,
मेरे कर्मों में सच्चाई भर दे,
और मेरी सोच में धैर्य का दीप जला दे।

जब भी मन टूटने लगे,
तू मुझे याद दिला देना कि
हर अंधेरे के बाद एक उजाला आता है,
हर कठिनाई के बाद एक राह निकलती है।

बस इतनी कृपा कर देना महादेव—
कि मेरा मन शांत रहे,
मेरी भावनाएँ सच्ची रहें,
और मेरे भीतर तेरे नाम की ज्योत
हमेशा जलती रहे।

हर हर महादेव 🔱🙏

— खामोश कलम -----
"जहाँ शब्द रुक जाते हैं,
वहाँ प्रार्थना शुरू हो जाती है…" 
“ॐ नमः शिवाय…”“ॐ नमः शिवाय…”“ॐ नमः शिवाय…”“ॐ नमः शिवाय…”“ॐ नमः शिवाय…”“ॐ नमः शिवाय…”ॐ नमः शिवाय…

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