"मई दिवस : श्रम का सम्मान, संस्कृति का अभिमान"
मई दिवस : श्रम का सम्मान, संस्कृति का अभिमान jm , हर साल 1 मई को पूरी दुनिया में मई दिवस यानी अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन मेहनतकश हाथों को सम्मान देने का दिन है l जो सभ्यता, उद्योग, भवन, खेत, सड़क और समाज की नींव रखते हैं। परंतु यह दिन केवल मजदूरों का नहीं—यह मानव श्रम के प्रति आभार का दिन है। भारत जैसे विविध संस्कृति वाले देश में, जहां कर्म को पूजा माना गया है, मई दिवस का महत्व और भी गहरा हो जाता है। इतिहास की जड़ों से प्रेरणा मई दिवस की कहानी 1886 में अमेरिका के शिकागो आंदोलन से शुरू होती है। उस समय मजदूर वर्ग अपने आठ घंटे काम के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा था। लंबे, थकाऊ काम के घंटे, कम वेतन और असुरक्षित माहौल ने समाज को झकझोर दिया। परिणामस्वरूप हजारों मजदूर सड़कों पर उतरे और इतिहास में पहली बार संगठित होकर बोले—“हम इंसान हैं, मशीन नहीं।” उनका यह नारा केवल अमेरिका में नहीं, पूरी दुनिया में गूंजा। इसी संघर्ष की स्मृति में 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस घोषित किया गया। भारत में मई दिवस पहली बार 1923 में चेन्नई (तब मद्रा...