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"आज को ,आज कैसे जिया जाए--जीवन इसी पल में है"

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  आज को--आज कैसे जिया जाए, कल का भाव कैसे लिया जाए मन की भागदौड़ से शांति तक का सच्चा सफर जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यही है—हम आज में रहते हैं, पर जीते कल या बीते कल में हैं। मन हर समय भागता रहता है—कभी भविष्य की चिंता में, कभी अतीत की यादों में। पर सच्चाई यह है कि जीवन केवल इसी पल में है , और जो इस पल को पकड़ना सीख गया, वही सच्चा जीवन जीना सीख गया। यह लेख केवल पढ़ने के लिए नहीं है— यह जीने की एक विधि है , जिसे धीरे-धीरे अपनाया जा सकता है। पहला सत्य — आज को आज कैसे जिया जाए आज की धूप को आज ही ओढ़ लो, कल की छाँव का इंतज़ार मत करो। जो पल सामने खड़ा है चुपचाप, उसे यूँ ही जाने  देने  का अपराध मत करो। भाव (Meaning) इन पंक्तियों का भाव यह है कि जो समय अभी हमारे सामने है, वही सबसे मूल्यवान है। हम अक्सर सोचते रहते हैं—“कल बेहतर होगा”, “कल समय मिलेगा”, “कल खुश रहेंगे।” पर सच यह है कि कल कभी आता नहीं, वह हमेशा ‘आज’ बनकर ही आता है। मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यह है कि वह जीवन को टालता रहता है। वह सोचता है कि जब सब ठीक हो जाएगा—तब खुश होगा। जब पैसा आ जाएगा—तब शांति मिलेगी। जब समस्या खत्म ...