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"सावन: तीज-त्योहारों, भक्ति और प्रेम का पावन महीना:- हर-हर महादेव”

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  "सावन: तीज-त्योहारों, भक्ति और प्रेम का पावन  महीना:- हर-हर महादेव”  बरसात की पहली बूंद जब धरती को छूती है, तो केवल मिट्टी ही नहीं महकती… बल्कि मन भी भीग जाता है। हवा में ठंडक, पेड़ों पर हरियाली, कोयल की मीठी आवाज़, झूलों की रौनक और मंदिरों में गूंजते “हर-हर महादेव” के जयकारे — यही तो पहचान है सावन के महीने की । हिंदू धर्म में सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि भावनाओं, भक्ति, प्रेम, त्याग और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह वह समय है जब प्रकृति भी मानो भगवान शिव की आराधना में लीन हो जाती है। हर ओर हरियाली होती है, क्योंकि माना जाता है कि यह महीना स्वयं भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। आखिर सावन महीने की इतनी महत्ता क्यों है? 1. भगवान शिव का प्रिय महीना पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय जब विष निकला , तो पूरे संसार की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। विष की तीव्र गर्मी से उनका शरीर जलने लगा। तब देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया जिससे उन्हें शांति मिली। इसी कारण सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई। मान्यता है कि इस म...