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"Gayatri Mantra — शब्दों से परे एक दिव्य प्रकाश"

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  Gayatri Mantra — शब्दों से परे एक दिव्य प्रकाश ॐ भूर्भुवः स्वः  तत्सवितुर्वरेण्यं           भर्गो देवस्य धीमहि       धियो यो नः प्रचोदयात्॥ यह केवल एक मंत्र नहीं… यह चेतना को जगाने वाली प्रार्थना है। एक ऐसी दिव्य पुकार, जो हजारों वर्षों से मानव आत्मा को भीतर से प्रकाश की ओर ले जाती आई है। ऋषियों ने इसे केवल शब्दों में नहीं रचा था… उन्होंने इसे अनुभव किया था। इसलिए जब कोई शांत मन से गायत्री मंत्र का जाप करता है, तो वह केवल ध्वनि नहीं दोहराता… वह अपने भीतर एक प्रकाश को जगाने का प्रयास करता है। खामोश कलम की ओर से… बचपन में मैं Arya Samaj स्कूल में पढ़ती थी। वहाँ हर सुबह की शुरुआत हवन, भजन और मंत्रों की मधुर ध्वनि से होती थी। लगभग 30 मिनट की वह प्रार्थना उस समय केवल SCHOOL ROUTINE लगती थी… लेकिन आज महसूस होता है कि वह हमारे मन, विचारों और ऊर्जा को भीतर से शांत और मजबूत बनाने की प्रक्रिया थी। जब पूरा वातावरण गायत्री मंत्र के उच्चारण से गूंजता था — “ॐ भूर्भुवः स्वः… ” तब एक अलग ही शांति महसूस होती थी। हवन की अग्नि, मंत्रों की पवित्र ध्वनि और...