शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

"एक नयी शुरुआत.... चल ऐ ज़िन्दगी, फिर से जीते है..."


🍃एक नयी  शुरुआत... चल फिर से जीते हैं 

                        "ऐ ज़िन्दगी"

कुछ कहानियां शोर मचा कर नहीं आती... 

वो चुपचाप ज़िन्दगी के किसी कोने में जनम लेती है 

और धीरे धीरे हमे और मज़बूत बना देती है. 


एक नयी शुरुआत करने का मन है.

फिर से कुछ  एहसासो, कुछ नए विचारों को साथ ले कर, 

खुद को स्ट्रांग बनाने की कोशिश कर रहीं हूँ। 


जाने क्यों... 

शयद इसलिए, क्यूंकि रुक-- रुक कर,

 जीना खुद को थका देता है। 


या ....फिर इसलिए ,क्यूंकि अब हार मान लेना, 

दिल को मंजूर नहीं होता। 

बहुत बार लगा, की बस यही रुक जाऊ । 

पर हर बार ज़िन्दगी ने मुझे आगे बढ़ना सिखाया। 


ज़िन्दगी चलने का नाम है। 

रुकना तो  फिर वैकुंठ धाम है। 

यह बात समझ आते ही ,

अंदर कहीं कुछ बदलने लगता है। 


दिल से एक आवाज़ उठती है---

"चल ऐ ज़िन्दगी... 

आज एक बार खुलकर 

फिर से जीते है"। 


ना  पूरी तैयारी  के साथ,

 न ही हर जवाब हाथ में लेकर 

बस इतनी सी हिम्मत के साथ 

की जो भी सामने आये ,

उसका सामना मुस्कुरा कर किया जाये। 


बस अब यही जीना है। 

और शायद... यही 

"मेरी  नयी और सही शुरुआत"। ....... 

 

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