शिवरात्रि पर स्पेशल
"हे भोले बाबा, मेरे भोले नाथ ,
तीनो लोक में तू ही तू."..
जब दुनिया के शोर में मन अपनी आवाज़ खो देता है,
तब शिव का नाम ही है जो हमे वापस खुद से मिलता है।
शिवरात्रि सिर्फ एक त्यहार नहीं,
ये एक अंतर-यात्रा है---
जहा हम अपनी कमज़ोरी, अपना दर्द, अपनी थकान
भोले नाथ के चरणों में अर्पण कर देते है।
जब शिव के साथ माँ पार्वती होती है तो भक्ति में शक्ति और शक्ति में
करुणा जुड़ जाती है
शिव का अर्थ: विनाश नहीं निर्माण है
अक्सर लोग शिव को विनाश का देवता कहते हैं,पर सच ये है,
शिव विनाश नहीं परिवर्तन है।
जो गलत है उसे तोडना ,जो सच है उसे बचाना,
ये शिव का स्वरुप है :-
शिव:" वो शून्य है जहाँ से सब शुरू होता है.
और वो स्थिरता है जहा सब ठहर जाता है,"
जब जीवन में सब कुछ उलझा हुआ लगता है
तब शिव हमे सिखाते है -
सब कुछ पकड़ने से नहीं , बल्कि छोड़ने से मिलता है।
माँ पार्वती : शक्ति जो संभाल लेती है
अगर शिव तपस्या है
तो पार्वती समर्पण है ,
माँ पार्वती सिर्फ पत्नी नहीं है
वो जीवन की साथी शक्ति है
जब शिव ने विष पिया,
तो माँ पार्वती दर्द को समझा,
जब शिव शून्य में चले गए
तो माँ पार्वती ने संसार को संभाला
ये ही सच है--
"शक्ति बिना शिव दिशाहीं है और शिव बिना शक्ति अधूरी "
शिव और पार्वती के सम्बन्ध सिर्फ प्रेम के नहीं ,
संतुलन का प्रतीक हैं
शिव : वैराग्य
पार्वती : संसार
शिव :ध्यान
पार्वती: जीवन
शिव :शांति
पार्वती :साहस
इसी संतुलन से ही परिवार , समाज और जीवन चलता है .
आज के जीवन में रिश्तों में जब सिर्फ शर्ते होती जा रही है
शिव पार्वती हमे याद दिलाते है--
साथ होना मतलब साथ जीना नहीं ,
सब संभालना भी होता है--
शिवरात्रि : रात जो रोशन बन जाये
शिवरात्रि वो रात है जब अँधेरा भी पूछता है--
"अब मुझे कब ख़तम होना है".?
इस रात हम जागते नहीं
हम जागरूक होते है
अपनी गलतियों को देखते है
अपनी कमियों को स्वीकार करते है
और एक नयी शुरआत की प्रतिज्ञा लेते है
शिवरात्रि का उपवास भूख का नहीं अहंकार का त्याग है
सब कुछ शिव के चरणों में रख देते है
आओ बात करे इस शिवरात्रि उस शिव की जिन का
नाम ही विशेष है नमः शिवाय का अर्थ
ॐ नमः शिवाय
ये सिर्फ एक मन्त्र नहीं
ये एक स्वीकृति है
ॐ का अर्थ है ब्रह्माण्ड
नमः -में झुकता हूँ
शिवाय : सच के सामने
इसका अर्थ है ;-
"मैं अपनी झूटी पहचान छोड़ कर अपने सच के सामने झुकता हूँ।
जब मन भारी हो,
जब शब्द कम पड़ जाये तब बस इतना कह देना काफी होता है
ॐ नमः शिवाय
आज के जीवन में शिव तत्व
आज का इंसान बिना मेहनत के सब कुछ चाहता है
जल्दी मिल जाये ,और इस सब में शांति भूल गया है
शिव हमें सिखाते है
कम में संतोष
शून्य में शक्ति
मौन में उत्तर
और माँ पार्वती हमे याद दिलाती है
जिम्मेदारी से भागना नहीं, दर्द को दबाना नहीं
और प्रेम कमजोरी नहीं ...
शिव शक्ति : दोनों मिलकर जीवन को संतुलित और सार्थक बनाते है
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
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