"माँ सिद्धिदात्री :पूर्णता और शक्ति का आशीर्वाद"

 9th नवरात्रा --माँ सिद्धिदात्री :

पूर्णता और शक्ति का आशीर्वाद 

नवरात्रा का आखिरी दिन....

एकअलग ही एहसास लेकर आता है। 

जैसे एक लम्बी यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर हो 

और दिल में सुकून सा।

9th नवरात्रा माँ सिद्धिदात्री को समर्पित :---

वो रूप जो पूर्णता, शक्ति और सिद्धि का प्रतिक हो।

 

माँ सिद्धिदात्री का अर्थ :-

सिद्धिदात्री का अर्थ है-- वो जो सिध्दियाँ देने वाली हो 

 सफलता 

शक्ति 

ज्ञान और 

पूर्णता 

माँ का ये रूप हमे बताता है,

की जो हम ढूंढ रहे है 

वो सब हमारे अंदर है। 


कहानी, जो सब कुछ समझा देती है :--

कहते है, माँ सिद्धिदात्री ने 

भगवान शिव को भी सिद्धियां प्रदान की थी 

सभी शिवजी का एक रूप "अर्धनारीश्वर "

बना। 

जहाँ पुरुष और प्रकृति एक हो गए। 

इसका मतलब --

जब अंदर का बैलेंस पूरा हो जाता है...

तभी इंसान पूरा होता है। 

आज का दिन क्या कहता है:---

नवरात्र का नौवाँ दिन। .

सिर्फ पूजा या व्रत के लिए नहीं है 

ये एक journey  होती है 

डर से हिम्मत तक 

उलझन से clarity तक 

गिरने से उठने तक। 

माँ हर तरह से हमे सहारा देती  है 

आम इंसान की ज़िन्दगी में \नवरात्रा का अर्थ:

"कभी वो टूटता है 

कभी लड़ता है 

कभी चुप हो जाता है "

पर हर दिन खुद को फिर से संभालता है 

ये ही उसकी असली सिद्धि है 


माँ सिद्धिदात्री क्या सिखाती है:

"तुम अधूरे नहीं हो 

तुम बस अपनी ताक़त भूल गए हो "

तुम में सब कुछ है। 

तुम हर situation से निकल सकते हो। 

तुम खुद को फिर से बना सकते हो। 

बस ज़रूरत है खुद पर विश्वास करने की। 


आज क्या करें :--

आज बड़ा कुछ नहीं करना।।

बस जो करना दिल से करना 

माँ को प्रसाद  चढ़ाओ 

एक शांत जगह बैठो 

अपनी आँखे बंद करो 


और खुद से एक सवाल पूछो 

मैं किस से डररहा हूँ ?

फिर धीरे से बोलो मैं उससे जीत सकता हूँ.

अंदर की जीत ---

ज़िन्दगी में सब से बड़ी जीत 

दूसरों को हराना नहीं होती ,

खुद के डर को हराना होता है। 

अपनी कमजोरी को एक्सेप्ट करो 

अपने दर्द को समझो 

और फिर भी आगे बढ़ते रो। 

 ये ही असली सिद्धि है 

नवरात्रा का सन्देश --

नौ दिन की भक्ति के बाद

 एक बात समझ आती है। 

माँ बाहर नहीं......अंदर होती है। 

उसकी शक्ति हर उस इंसान में है 

जो हर दिन उठ कर अगले ,

लक्षय की तैयारी करता है। 


HEART TOUCHING  सच 

ज़िन्दगी perfect नहीं होगी 

रस्ते आसान नहीं  होंगे 

अगर तुम ने खुद को पहचान लिया।।।

तो तुम्हे कोई रोक नहीं सकता 

क्यों की 

जिस दिन इंसान खुद  को समझ जाता है 

उस दिन वो सच में जीत जाता है। 


ख़ामोश कलम :---

सिद्धि बाहर नहीं मिलती। ..

जब तुम खुद को जीत लेते हो ,

वही तुम्हारी सबसे बड़ी सिद्धि होती है। 

नवरात्रा सन्देश:

खुद पर विश्वास करो --

माँ सिद्धिदात्री:- तुम्हे तुम्हारी असली शक्ति  दिखने आयी है। 

जय माँ,...जय जय माँ.

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