पाँचवाँ नवरात्रा ---माँ स्कन्द माता :शक्ति, विश्वास और अपनों के लिए जीने की ताकत
पाँचवाँ नवरात्रा ---माँ स्कन्द माता :शक्ति, विश्वास और अपनों के लिए जीने की ताकत
बल्कि अपनों के लिए जीने और लड़ने की हिम्मत देती है…
ये दिन समर्पित है माँ स्कंदमाता को…
जो अपने पुत्र कार्तिकेय को गोद में लेकर…
ममता और शक्ति का अद्भुत संगम दिखाती हैं।
नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है,
जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं।
वे ममता, शक्ति और ज्ञान का प्रतीक हैं और कमल के आसन पर विराजमान होने के
कारण 'पद्मासना' भी कहलाती हैं। इस दिन पूजा करने से भक्तों को संतान सुख, ज्ञान और समृद्धि
की प्राप्ति होती है। माँ की कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मोक्ष मिलता है।
पांचवें नवरात्र के मुख्य बिंदु:
स्वरूप: माँ स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं; वे ऊपर दाईं भुजा में बाल कार्तिकेय को गोद में लिए हुए हैं
और निचली भुजाओं में कमल का फूल व वरद मुद्रा में हैं।
पूजा विधि: सुबह स्नान के बाद माता की पूजा करें, सफेद रंग के कपड़े पहनें, और फूल,
अक्षत (चावल), व धूप-दीप अर्पित करें।
भोग:-- माँ को केले का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे वे शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
मंत्र:--- "'या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:' मंत्र का जाप करें।"
महत्व: यह दिन मोक्ष का द्वार माना जाता है और मान्यता है कि इस दिन
साधक का मन 'विशुद्धि चक्र' में स्थित होता है।
कथा: तारकासुर नामक राक्षस का वध केवल शिव-पार्वती के पुत्र ही कर सकते थे,
इसलिए भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को युद्ध के लिए प्रशिक्षित करने हेतु
माता पार्वती ने स्कंदमाता का रूप धारण किया।
🌸 माँ स्कंदमाता हमें क्या सिखाती हैं?
ज़िंदगी में कई बार ऐसा होता है…
जब हम खुद के लिए नहीं,
बल्कि अपने परिवार के लिए मजबूत बनते हैं…
माँ स्कंदमाता यही सिखाती हैं…
👉 कि असली ताकत वही है…
जो अपने डर से ऊपर उठकर…
अपनों की खुशी के लिए खड़ी हो जाए…
💔 जब जिंदगी बोझ लगने लगे…
कभी-कभी हालात इतने भारी हो जाते हैं…
कि लगता है… अब और नहीं सह पाएंगे…
जिम्मेदारियाँ…
रिश्तों की उलझनें…
पैसों की चिंता…
सब मिलकर इंसान को अंदर से तोड़ने लगते हैं…
लेकिन उसी समय…
एक माँ… एक पिता…
या एक जिम्मेदार इंसान…
खुद को संभालता है…
क्योंकि उसे पता होता है—
👉 “मेरे टूटने से… मेरे अपने भी टूट जाएंगे…”
🌿 असली शक्ति क्या है?
शक्ति सिर्फ ताकत नहीं होती…
शक्ति वो होती है—
जब तुम रोना चाहते हो…
फिर भी मुस्कुरा देते हो…
जब दिल हार मानना चाहता है…
फिर भी तुम आगे बढ़ते हो…
जब कोई साथ नहीं देता…
फिर भी तुम खुद का सहारा बन जाते हो…
👨👩👧 परिवार के लिए जीना ही असली साधना है
हम अक्सर मंदिर जाते हैं…
प्रार्थना करते हैं…
लेकिन क्या कभी सोचा है…
अपने परिवार के लिए खड़ा होना…
उनके लिए त्याग करना…
यही सबसे बड़ी पूजा है…
माँ स्कंदमाता हमें यही सिखाती हैं—
“अपनों के लिए मजबूत बनना ही असली भक्ति है…”
🌼 एक नई शुरुआत
अगर आज तुम्हें लगता है कि…
तुम थक गए हो…
या जिंदगी ने तुम्हें बहुत कुछ सिखा दिया है…
तो आज…
5वें नवरात्र के दिन…
खुद से एक वादा करो—
- मैं हार नहीं मानूँगी
- मैं अपने परिवार के लिए खड़ा रहूँगी
- मैं अपने डर से ऊपर उठूंगी
✨ JAI MAA…JAI JAI MAA
माँ स्कंदमाता की कृपा से…
तुम्हें वो शक्ति मिले…
जो हर मुश्किल में तुम्हारा साथ दे…
जो तुम्हें गिरने न दे…
और अगर गिर भी जाओ…
तो फिर से उठने की हिम्मत दे…
🌺 जय माता दी...(.शेयर भी करे )PLEASE......
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